piles: मस्से और दर्द में उपचार के ये हैं 08 घरेलू आयुर्वेदिक उपाय, आखिरी वाला है सबसे खास.. | troubled by piles babaseer this ayurvedic home remedy give you comfort | Patrika News (2022)

ऐसी ही एक बीमारी जो आज के दौर में तेजी से फैल रही है, वह है बवासीर यानि पाइल्स piles... जिसके लिए हम एलोपैथी Allopathy से इलाज की पूरी कोशिश तो करते हैं। लेकिन ये बीमारी है कि पूरी तरह से ठीक होने का अधिकतर नाम ही नहीं लेती।

खुद डॉक्टर्स के अनुसार पाइल्स को आॅपरेट piles treatment करने के बाद कई बार यह पुन: आ जाते हैं। वहीं यदि इन्हें स्टेपल भी कर दिया जाए तो भी ये परेशानी का कई बार कारण बने ही रहते हैं।

जानकारों के अनुसार बवासीर (Hemorrhoids) मुख्य रूप से 2 प्रकार की होती है अंदरुनी और बाहरी। इसमें अंदर की पाइल्स में मस्से दिखाई नहीं देते पर बाहरी में मस्से गुदा से बाहर की और निकले होते हैं।

इस रोग में मल त्यागते वक़्त जब खून निकलता है तो उसे खूनी बवासीर कहते है। ये खून इतना अधिक होता है की रोगी इसे देख कर घबरा जाता है।

बाहरी बवासीर होने पर मस्से सूज कर मोटे हो जाते हैं, जिससे इसमें दर्द, जलन और खुजली भी होने लगती है।

बवासीर Bawaseer (अर्श) के मस्सों से परेशान व्यक्ति न तो ठीक से कुछ खा पी सकता है और न ही ठीक से बैठ पाता है। बाहरी मस्सों का इलाज डॉक्टर और आयुर्वेदिक चिकित्सक काफी हद तक ऑपरेशन या दवा से कर देते हैं, क्योंकि ये गुदा में बहार की तरफ निकले होते है। परंतु भीतरी मस्सों का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये मस्से गुदा के अंदर की तरफ होते हैं।

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(Video) मस्से | पाइल्स | बवासीर का परमानेंट इलाज | Best Homeopathic Medicine For piles | Piles Treatment

बवासीर का उपचार के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे : Bawaseer Upchar ke Gharelu Upay aur Desi Nuskhe ...

बवासीर के संबंध में आयुर्वेद के डॉक्टर राजकुमार का कहना है, इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले तो हमें अपनी नियमित दिनचर्या रखनी जरूरी होती है। वहीं भोजन में फायबर फूड्स इस बीमारी से खुद को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा भी कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे इस रोग में काफी आराम मिलता है...

1. खुनी बवासीर होने पर दही या लस्सी के साथ कच्चा प्याज खाने से फायदा मिलता है।

2. कैसी भी बवासीर हो कच्ची मूली खाने या इसका रस पीना चाहिए। एक बार में मूली का रस 25 से 50 ग्राम तक ही लें।

3. आम और जामुन की गुठली के अंदर वाले हिस्से को सुख कर पीस ले और इसका चूर्ण बना ले। रोजाना 1 चम्मच चूर्ण पानी या लस्सी के साथ लेने से खुनी बवासीर में आराम मिलता है।

4. शरीर में कब्ज़ रहती हो और पेट ठीक से साफ़ न होता हो तो इसबगोल की भूसी का प्रयोग करे।

5. तवे पर 50 से 60 ग्राम बड़ी इलायची भून लें और ठंडी होने के बाद इसे पीस कर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह खाली पेट इस चूर्ण को पानी के साथ लेने से पाइल्स ठीक होती है।

6. रात को सोने से पहले 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगो कर रखे और सुबह इसी पानी में किशमिश को मसलकर इस पानी का सेवन करे। कुछ दिन निरंतर इस उपाय को करने से बवासीर ठीक होने लगती है।

(Video) सल्फर इन हिंदी (भाग 1) - होमियोपैथी में उपयोग और लक्षण डॉ. पी.एस. तिवारी द्वारा

7. काले तिल 10 से 12 ग्राम धुले हुए ताजा मक्खन के साथ खाने से khooni bawaseer में खून का आना बंद हो जाता है। एक चौथाई चम्मच दालचीनी 1 चम्मच शहद में मिला कर खाने से भी पाइल्स में राहत मिलती है।

बवासीर के मस्सों के इलाज की विधि: Treatment of piles warts ....

इसके लिए 80 ग्राम अरंडी के तेल को गरम कर लें फिर इसमें 10 ग्राम कपूर मिला कर रखें। मस्सों को साफ़ पानी से धो कर इसे किसी कपड़े से पोंछ लें और अरंडी के इस तेल से मस्सों पर हलके हाथों से मालिश करें। इस देसी नुस्खे को दिन में 2 बार करने से मस्सों की सूजन, दर्द, खारिश और जलन में आराम मिलता है।

: थोड़ी सी हल्दी को सेहुंड के दूध में मिलाकर इसकी 1 बूंद मस्से पर लगाने से मस्सा ठीक हो जाता है।
: सहजन के पत्ते और आक के पत्तों का लेप लगाने से भी मस्सों से जल्दी छुटकारा मिलता है।
: कड़वी तोरई के रस में हल्दी और नीम का तेल मिला कर एक लेप बना ले और मस्सों पर लगाये। इस उपाय के निरंतर प्रयोग से हर तरह के मस्से ख़त्म तक हो जाते हैं।

खूनी और बादी बवासीर का आयुर्वेदिक उपाय : Ayurvedic remedy for bloody-and blind piles ...

आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार अंजीर का सेवन पाइल्स के इलाज में बेहद लाभकारी है।
ये है विधि: रात को सोने से पहले 2 सूखे अंजीर पानी में भिगो कर रखें और सुबह खाएं और 2 अंजीर सुबह भिगो कर रख दें जिसे आप शाम को खाएं। अंजीर खाने के आधा से पोना घंटा पहले और बाद में कुछ खाएं पिएं नहीं। 10 से 12 दिन लगातार इस नुस्खे को करने से खुनी और बादी हर तरीके की बवासीर से राहत मिलती है।

योगा से बवासीर का उपचार करें : Yoga for Hemorrhoids ...

(Video) 1₹ के नींबू से 5 दिन में 10 साल पुरानी बवासीर जड़ से खत्म होगी Piles Treatment / Cure Piles

शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से जल्दी राहत पाने में योगा करना अच्छा उपाय है। बवासीर के योगा में अनुलोम – विलोम और कपालभाती प्राणायाम दिन में 2 बार करें। अगर आप प्राणायाम करने की सही प्रक्रिया नहीं जानते तो आप किसी योग गुरु की मदद लें।

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बवासीर में क्या खाएं : What to eat in piles ...

: करेले का रस, लस्सी, पानी।
: दलिया, दही चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, देशी घी।
: खाना खाने के बाद अमरुद खाना भी फायदेमंद है।
: फलों में केला, कच्चा नारियल, आंवला, अंजीर, अनार, पपीता खाएं।
: सब्जियों में पालक, गाजर, चुकंदर, टमाटर, तुरई, जिमीकंद, मूली खाएं।

बवासीर में क्या परहेज करें : Avoiding piles ...

बवासीर का उपचार में जितना जरुरी ये जानना है की क्या खाएं,उससे जादा जरुरी इस बात को जानना है कि क्या नहीं खाएं।

ये न खाएं : Don't eat this...
: तेज मिर्च मसालेदार चटपटे खाने से परहेज करे।
: मांस मछली, उडद की दाल, बासी खाना, खटाई ना खाएं।
डिब्बा बंद भोजन, आलू, बैंगन।
: शराब, तम्बाकू।
: ज्यादा चाय और कॉफ़ी के सेवन से भी बचें।

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बवासीर से बचने के उपाय : Ways to avoid piles ...

जानकारों के अनुसार आज देश ही नहीं दुनिया में तक बहुत से लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, ऐसे में हम कुछ बातों का ध्यान रख कर इससे बच सकते हैं।

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1. खाने पीने की बुरी आदतों से परहेज करें जैसे धूम्रपान और शराब।
2. खाने में मसालेदार और तेज मिर्च वाली चीजें न खाएं।
3. पेट से जुडी बीमारियों से बचें।
4. कब्ज़ की समस्या बवासीर का प्रमुख कारण है इसलिए शरीर में कब्ज़ न होने दें।
5. गर्मियों के मौसम में दोपहर को पानी की टंकी का पानी गरम हो जाता है, ऐसे पानी से गुदा को धोने से बचें।

इसे माना जाता है गारंटिड इलाज : Guaranteed treatment of Hemorrhoids ...

वहीं कई जानकारों अनुसार एक ऐसा आसान तरीका भी है जिससे बवासीर piles को जड़ से चंद दिनों में ही ठीक किया जा सकता है। इसके अनुसार जिसको भी बवासीर piles है, वो हर रोज खाना – खाने के बाद एक कप मुली का रस या जूस जरुर पियें ! इससे बहुत जल्दी आपकी बवासीर ठीक हो जाएगी ! यह रस दोनों तरह की बवासीर piles पर काम करता है ! खूनी हो या बादी यह दोनों को ठीक करता है ! मुली के रस से ही फिशचुला, फिशर को भी ठीक होने में बहुत मदद मिलती है !

( ध्यान रखें इस इलाज को किसी आयुर्वेद के जानकार की सलाह पर ही आजमाएं )

एक और घरेलू औषधि है, जो बहुत आसानी से व बहुत सस्ते में मिल जाती उसका नाम है कपूर ! यह वही कपूर है जो हम भगवान की पूजा में प्रयोग करते हैं ! यह बहुत थोड़ी मात्रा में लेना है, लगभग एक से डेढ़ ग्राम, और इसको लेने की विधि भी बहुत आसन हैं ! कपूर को आप केले में रख कर सीधा खा सकते हो ! इसको हफ्ते में केवल एक बार या दो हफ्ते में एक बार लेना काफी है ! यह डेढ़ से दो महीनों में बवासीर piles, भगन्दर को आराम से ठीक कर देता है !

FAQs

बवासीर के मस्सों को जड़ से खत्म कैसे करें? ›

बवासीर के मस्सों को हटाने के उपाय में आक के पत्ते और सहजन के पत्ते का मलहम बना कर लगाने से मस्सों से छुटकारा मिलता है। नीम का तेल और हल्दी कड़वी तोरई के रस में मिला कर मस्सों पर लगाये। नियमित रूप से इश रामबाण उपाय को करने पर मलद्वार के मस्से जड़ से खत्म हो जाते है।

बवासीर की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा कौन सी है? ›

बवासीर का उपचार करने की 7 आयुर्वेदिक दवाइयाँ
  • कांकायन वटी
  • त्रिफला गुग्गुल
  • अंजीर (Fig)
  • मंजिष्ठा
  • हरीतकी
  • सूरन
  • अर्शकल्प
Aug 24, 2022

क्या गर्म पानी पीने से बवासीर होता है? ›

गुनगुना पानी पीकर

हल्का गर्म पानी पाचन को दुरुस्त करके कब्ज से छुटकारा दिलाने में बहुत फायदेमंद है। यह अप्रत्यक्ष रूप से बवासीर का उपचार करने में सहायक होगा। कब्ज न होने के कारण आपको मलत्याग में आसानी होगी और दर्द नहीं होगा, फलस्वरूप बवासीर को ठीक होने में मदद मिलेगी।

पाइल्स में चावल खा सकते हैं क्या? ›

पाइल्स होने पर अपने आहार में ढेर सारे साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ओट्स, होल व्हीट शामिल करें। बता दें कि साबुत अनाज में फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इनके सेवन से मल नरम हो जाता है और मल त्याग के दौरान होने वाले दर्द में कमी आती है।

रात में बवासीर के दर्द में क्या मदद करता है? ›

सोने से ठीक पहले फुल-बॉडी सिट्ज़ बाथ भी असुविधा को कम कर सकता है, आपको अधिक आराम महसूस करने में मदद कर सकता है, और आपके लिए सो जाना आसान बना सकता है। इसके अलावा, सुखदायक संगीत पढ़ने या सुनने से आपका दिमाग बवासीर और आपकी परेशानी से दूर हो सकता है, जिससे आपको जल्दी सोने में मदद मिल सकती है।

बवासीर के मस्सों पर कौन सा तेल लगाएं? ›

नारियल का तेल बवासीर के लक्षणों को दूर करने में सक्षम है। नारियल तेल में मौजूद एन्टी-ऑक्सीडेंट और एन्टी-इंफ्लेमेट्री गुण पाइल्स का इलाज कर सकते हैं।

बवासीर में गुड़ खा सकते हैं क्या? ›

गुड़ के इस्तेमाल से कई रोग समेत पुरानी बवासीर को भी ठीक किया जा सकता है. गुड़ में कैरोटीन, निकोटीन, एसिड, विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन सी के अलावा आयरन और फॉस्फोरस भी पाया जाता है. गुड़ का इस्तेमाल दमा, खांसी, पेट के कीड़े जैसी बीमारियों के खिलाफ किया जा सकता है.

बवासीर के मस्से कितने दिन में ठीक होते हैं? ›

बवासीर के मस्से को एक दिन में ठीक करने के लिए सिर्फ और सिर्फ लेजर सर्जरी की मदद ली जा सकती है। ओपन सर्जरी से उपचार करवाने पर रोगी को पूरी तरह से दुरुस्त होने में 4 हफ्ते का समय लग सकता है।

पाइल्स की सबसे अच्छी दवा कौन सी है? ›

सूरन खूनी बवासीर का बहुत बेहतरीन इलाज है। यह कब्ज की शिकायत दूर करता है जिससे बवासीर होने का खतरा कम हो जाता है। पेट में कीड़े होने पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। मल द्वार से खून निकलने और गुदा क्षेत्र में खुजली होने पर सूरन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बवासीर की असली दवा क्या है? ›

बवासीर में लाभदायक बादाम का तेल (Badam oil : Home Remedies for Hemorrhoids Treatment in Hindi) शुद्ध बादाम के तेल में रुई को डुबोएं, तथा बादी बवासीर में मस्सों पर लगाएं। यह सूजन और जलन को कम करता है।

बवासीर के मस्से कितने दिन में ठीक होते हैं? ›

बवासीर के मस्से को एक दिन में ठीक करने के लिए सिर्फ और सिर्फ लेजर सर्जरी की मदद ली जा सकती है। ओपन सर्जरी से उपचार करवाने पर रोगी को पूरी तरह से दुरुस्त होने में 4 हफ्ते का समय लग सकता है।

किस कमी से मस्से होते हैं? ›

हमारे अध्ययन में, मौसा वाले रोगियों में मस्से के बिना रोगियों की तुलना में सीरम विटामिन बी 12 का स्तर काफी कम था। इसके अलावा, वे अधिक बार सीरम विटामिन बी 12 के स्तर को कम कर चुके थे।

मस्से को जड़ से कैसे निकाले ›

सैलिसिलिक एसिड सबसे प्रभावी सामयिक मस्सा हटाने वाला उपचार हो सकता है । यह कई रूपों में ओवर-द-काउंटर उपलब्ध है, जिसमें एक केंद्रित तरल, जेल या चिपकने वाला पैड शामिल है। यह अलग-अलग ताकत में भी उपलब्ध है। उपयोग करने से पहले, आपको सैलिसिलिक एसिड के प्रकार और ताकत के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

बवासीर में मस्से क्यों होते हैं? ›

बवासीर में गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन के कारण मस्सों का निर्माण हो जाता है। ये मस्से सूजे हुए प्रतीत होते हैं, जिनमें रक्त अथवा पस भरा होता है। वक्त ढलने के साथ मस्सों का आकार भी बढ़ जाता है। यूं कहे तो बवासीर के ग्रेड में निरंतर वृद्धि होती रहती है।

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Author: Duane Harber

Last Updated: 10/11/2022

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